गणेश वशीकरण साधना कैसे करें ?

गणेश वशीकरण साधना कैसे करें ?

गणेश वशीकरण साधना : वैदिक ग्रंथों की मान्यताओं के अनुसार गणेश भगवान की विशिष्ट पूजा और गणेश वशीकरण साधना-सिद्धि से वशीकरण की अद्भुत क्षमता भी हासिल की जा सकती है, जिसका विभिन्न या कहें विशेष कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है । आईए, एक नजर डालते हैं गणेश वशीकरण साधना के लिए श्रीगणेश अर्थात गौरी पुत्र गजानन को प्रसन्न करने के लिए गणेश चतुर्थी के दिन से शुरू की जाने वाली पूजा के विधान और मंत्रों के बारे में, जो अचूक प्रभाव देते हैं ।
भगवान गणेश को भी रूप-सौंदर्य के था आकर्षित करने वाले ईष्टदेव रूप में पूजा की जाती है तथा उनमें आकर्षण या सम्मोहन शक्ति बढ़ाने की क्षमता है । और तो और श्रीगणेश को सभी सिद्धियों विधाता और वशीकरण के आधार देव माने जाते हैं । उनका वशीकरण का बहुपयोगी मंत्र हैः-
गणेश वशीकरण साधना मंत्र : “ ऊँ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद्र सर्व जनं मे वशमानाय स्वाहा!!”
गणेश वशीकरण साधना विधि-विधानः भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर के सामने आसन पर ब्रह्म मुहूर्त में पूर्व या पश्चिम की दिशा में बैठकर इस मंत्र के स्पष्ट उच्चारण के साथ उनका ध्यान करना चाहिए । उसके बाद निम्न मंत्र का पाठ करना चाहिए ।
मंत्रः-
“ ऊँ अस्य हस्तिमुख गणेश मंत्रस्य श्री गणक ऋषिः गायत्री छंदः।
श्री हस्तिमुख गणपति देवता ममाभीष्ट सिद्धयर्थे विनियोगः।। ”
अर्थात् अपने दोनों हाथों में इक्षुदण्ड धारण किए हुए, उनमें पाश और अंकुश लिए हुए । एक हाथ में कमल धारण कर श्यामांगी को बगल में बिठाए हुए त्रिनेत्र रक्त वर्ण वाले गणपति का मैं ध्यान करता हूूं । ऐसी विनती की वाणी के साथ श्रीगणेश के समक्ष जल का छिड़काव करना चाहिए । उसके बाद निम्न मंत्र का पाठ करने से गणेश वशीकरण साधना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाई जा सकती है । वह मंत्र इस प्रकार हैः-
ऊँ गं अंगुष्ठाभ्यां नमः हृदयाय नमः
ऊँ गं तर्जनीभ्यां नमः शिरसे स्वाहा
ऊँ गं मध्यमाभ्यां नमः शिखाये वषट्
ऊँ गं अनामिकभ्यां नमः कवचाय हुम्
ऊँ कनिष्ठिकाभ्यां नमः नैत्रत्रयाय वौषट्
ऊँ गं करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः अस्त्राय फट्!!
इस हस्तिमुख गणपति के तीन लाख मंत्र का जाप दस दिनों के अनुष्ठान के दरम्यान पूर्ण करने के बाद दशांश हवन ईख और घी या तेल में तले हुए पुए से करने का विधान है । इस तरह से किए गए गणेश पूजन से गणेश वशीकरण साधना की सिद्धि प्राप्त हो जाती है । उसके बाद वशीकरण संबंधी उपाय किए जा सकते हैं ।
वे इस प्रकार हैंः-
• पानी में गुड़ मिलाकर बने शरबत से 444 बार वश मं किए जाने वाले व्यक्ति को ध्यान कर तर्पण करें ।
• घी, शहद और शक्कर यानि त्रिमधु को हवन सामग्री में मिलाकर हवन करने से वशीकरण का कार्य संपन्न होता है, तथा नारियल से हवन करने पर श्रेष्ठता और समृ़िद्ध की प्राप्ति होती है।
• किसी स्त्री को वश में करने के लिए शहद में थोड़ा नमक मिलाकर हवन करने का अचूक लाभ मिलता है। इसके प्रयोग से पहले सामान्य गणेश पूजन आवश्यक है।
• गणेश पूजन से ग्रहों की बिगड़ी हुई दशा को भी सही कर सकारात्मक प्रभाव देने जैसा बनाया जा सकता है।

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