तुलसी से शादी के योग कैसे बनते हैं ?
तुलसी के पौधे को हिन्दू परम्परा में बहुत पूज्यनीय माना गया है । भारतीय परम्परा में तुलसी को प्राचीन समय से बहुत शुभ माना जाता है । इसे घर का वैद्य कहा गया है । इससे कई तरह की बीमारियां तो दूर होती ही है । साथ ही वास्तुशास्त्र के अनुसार भी इसे घर में रखने का विशेष महत्व माना गया है । तुलसी को घर में लगाने से कई तरह के वास्तुदोष दूर होते हैं । तुलसी के भी बहुत से प्रकार है । जिसमें जिसमें रक्त तुलसी, राम तुलसी, भू तूलसी, वन तूलसी, ज्ञान तूलसी, मुख्यरूप से विद्यमान है । तूलसी की इन सभी प्रजातियों के गुण अलग है ।
– शरीर में नाक, कान वायु, कफ, ज्वर खांसी और दिल की बीमारियों पर खास प्रभाव डालती है । तूलसी वो पौधा है जो जीवन को सुखमय बनाने में सक्षम है । वास्तुदोष दूर करने के लिए इसे दक्षिण-पूर्व से लेकर उत्तर पश्चिम तक किसी भी खाली कोने में लगाया जा सकता है । यदि खाली स्थान ना हो तो गमले में भी तूलसी के पौधे को लगाया जा सकता है ।
– तूलसी का पौधा किचन के पास रखने से घर के सदस्यों में आपसी सामंजस्य बढ़ता है । पूर्व दिशा में यदि खिड़की के पास रखा जाए तो आपकी संतान आपका कहना मानने लगेगी ।
– अगर संतान बहुत ज्यादा जिद्दी और अपनी मर्यादा से बाहर है तो पूर्व दिशा में रखे तूलसी के पौधे के तीन पत्ते रोज उसे किसी ना किसी तरह खिला दें ।
– यदि आपकी कन्या का विवाह नहीं हो रहा हो तो तूलसी के पौधे को दक्षिण-पूर्व में रखकर उसे नियमित रूप से जल अर्पण करें । इस उपाय से जल्द ही योग्य वर की प्राप्ति होगी ।
– यदि आपका कारोबार ठीक से नहीं चल रहा है तो तूलसी के पौधे को नैऋत्य कोण में रखकर हर शुक्रवार को कच्चा दूध चढ़ाएं ।
– नौकरी में यदि उच्चाधिकारी की वजह से परेशानी हो तो ऑफिस में जहां भी खाली जगह हो वहां पर सोमवार को तूलसी के सोलह बीज किसी सफेद कपड़े में बांधकर कोने में दबा दे । इससे आपके संबंध सुधरने लगेगें ।
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जय माँ कामाख्या
Acharya Pradip Kumar is a renowned astrologer known for his expertise in astrology and powerful tantra mantra remedies. His holistic approach and spiritual sadhana guide clients on journeys of self-discovery and empowerment, providing personalized support to find clarity and solutions to life’s challenges.