तंत्र में गूलर प्रयोग का महत्व

Tantra Mein Goolar Prayog Ka Mahatwa :

Goolar Prayog का बारे में आप सब जानते होंगे, फिर भी आज आप सबके सामने एक ऐसा प्रयोग लाया हूँ , जिसको आप प्रयोग में लाकर कुछ ही दिनों में माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हो ।

Tantra me Goolar Prayog :

ग्रहण बाले दिबस से एक दिबस पहले गूलर के ब्रुक्ष्य को तंत्र बिधि से निमन्त्रण दे आयें और अगले दिन अर्थात् ग्रहण बाले दिन सबेरे ही ब्रुक्ष्य को हलुबे या शर्बत का चढाबा चढाकर नमश्कार करके उसका बांदा तोड लायें । ग्रहण लगते ही बांदे की पंचोपचार से पूजा करें और पूरे ग्रहण काल में “ॐ ॐ ॐ महालक्ष्म्यै च बिद्महे बिष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ” मंत्र का जप करें ।

जप में जिस माला का प्रयोग करें बह कमल गट्टे की हो तो श्रेष्ठ है । ऐसे अभिमंत्रित गूलर के बांदे को ताबीज में रखकर धारण करें तो भूमिगत धन दिखाई देता है और अभीष्ट की प्राप्ति भी होती है । यह था  गूलर प्रयोग (goolar prayog) के बारे में , जिसको आप प्रयोग करके कुछ ही दिनों में इसका चमत्कार देख सकते हो । ऐसे बहत सारे प्रयोग कि बारे में जानकारी प्राप्त करने केलिए हमारे साथ जुड़े रहे ।

FB- kamakhya tantra jyotish

हर समस्या का स्थायी और 100% समाधान के लिए संपर्क करे (मो.) 7655043335 / 9438741641 {Call / Whatsapp}

जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is renowned as one of India's foremost astrologers, combining decades of experience with profound knowledge of traditional Vedic astrology, tantra, mantra, and spiritual sciences. His analytical approach and accurate predictions have earned him a distinguished reputation among clients seeking astrological guidance.

Sharing Is Caring:

Leave a Comment