वशीकरण प्रभाव से मुक्ति पाने के अचूक मंत्र उपाय

किसी के वश में आ जाने या वशीभूत हो जाने की स्थिति में व्यक्ति कई तरह से विचलित महसूस करता है । कुछ ऐसा लगता है जैसे उसकी आजादी पर किसी ने बंदिशें लगा दी गई हो और उसपर उसका ही नियंत्रण नहीं हो । न तो मन उसकी वश में रहता है, और न ही मस्तिष्क सुचारू ढंग से चलता हुआ एहसास होता है । वह सोचता कुछ है, लेकिन कर कुछ और बैठता है ।
दुविधा, उलझन या उहापोह के दौर से गुजरते हुए अविवेकी बन जाता है और फिर उल्टी-सीधी हरकतें करने लगता है या रोजमर्रे के साधारण से कार्य में भी गल्तियां होने लगती हैं ।
कई बार तो इस वजह से मुसीबत में भी फंस जाता है । या कहें उसके महत्वपूर्ण कामकाज बाधित हो जाते हैं । ऐसा उसपर किसी द्वारा अनैतिक ढंग से प्रयोग में किए गए वशीकरण या टोटके या फिर काले जादू के उपायों की वजह से ही होता है । इन्हें दूरकर ही सहजता, स्वतंत्रता और खुले मन-मिजाज का अनुभव किया जा सकता है । आईए जानते हैं कि किस तरह से वशीकरण प्रभाव से मुक्ति पाया जाए (Vashikaran Prabhav Se Mukti Pane Ke Upay) …
वशीकरण का प्रभाव एक तरह से बनी हुई नकारात्मक ऊर्जा ही है, जिसे कम किया जा सकता है या फिर कहें कि उसे सकारात्मक ऊर्जा में रूपांतरित कर समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है । सामान्य वशीकरण प्रभाव से मुक्ति का उपाय (Vashikaran Prabhav Se Mukti Pane Ke Upay) में अपने इष्टदेव की आराधाना करें ।
गायत्री मंत्र (ओम भुर्भुवः स्व तत्स वितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धी मही धीयो यो न प्रचोदयात) का प्रतिदिन प्रातः स्नान और सूर्योपासना के बाद 108 बार जाप करने का भी वशीकरण प्रभाव से मुक्ति (Vashikaran Prabhav Se Mukti Pane Ke Upay) के चमत्कारी प्रभाव देखने को मिलता है । ध्यान रहे मंत्र का उच्चारण स्पष्ट रहे । इसका पाठ मन में भी शांतिभाव से किया जा सकता है ।
काले जादू या टोटके के प्रभाव को दूर करने के लिए काली के मंदिर में जाएं । मां काली की आराधना करें । सच्चे मन से पूजा-अर्चना करें और वशीकरण प्रभाव से मुक्ति होने की याचना के साथ अष्टगंध या कुमकुम का टीका लगाएं । यह टीका पहले मां कली की चरणों को लगायें और फिर अपनी ललाट पर लगा लें ।
जन्म कुंडली से भी हो सकता है उपाय :
वशीकरण से छुटकारा (Vashikaran Prabhav Se Mukti Pane Ke Upay) जन्मकुंडली के विश्लेषण और फिर बताए गए ज्योतिषीय उपायों से भी संभव है। इसके लिए ग्रहों की दिशा और दशा को अनुकूल बनाने के लिए वैदिक अनुष्ठान का सहारा लेना चाहिए। अमावस्या और पूर्णिमा के दिन मांसाहारी भोजन और शराब सेवन से बचकर रहें।
रूद्रावतार महाबली हनुमान के मंत्र का जाप करने से भी वशीकरण के प्रभाव को खत्म किया जाता है। श्रीहनुमान के जाप के लिए अचूक मंत्र हैं:-
ओम बलसिद्धिकराय नमः
ओम वज्रकायाय नमः
ओम महावीराय नमः
ओम रक्षोविध्वंसकाराय नमः
ओम सर्वरोगहराय नमः
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंत्र का जाप शनिवार को हनुमान मंदिर में सुबह स्नान के बाद करना चाहिए । जाप के बाद हनुमान की प्रतिमा पर चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ाकर सुगंध, अक्षत, नारियल, अक्षत और कोई एक मिष्ठान अर्पित करना चाहिए। श्री हनुमान के इस मंत्र के जाप का तुरंत असर होता है। इस मंत्र के जाप के बाद हनुमान चालिसा का भी पाठ किया जाना चाहिए ।

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